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Friday, 10 April 2015

Cherry Blossom Festival,Washington

                  जब हम लोग किसी नये स्थान पर भ्रमण के लिए सोचते हैं तो सबसे पहला काम कि गूगल देव की सहायता से वहां के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त कर ली जाये, जैसे कि कहाँ कहाँ जाना है, क्या देखना है, जाने का साधन क्या होगा, किस समय जाना उचित रहेगा और कब नहीं,कुल जमा कहने का मतलब ये है कि ऑफ सीजन एवम पीक सीजन के बारे में देखकर जाते हैं और इसके साथ साथ जेब का भी पूरा ध्यान रखते हैं, पर अबकि बार तो अनायास ही मौका मिल गया तो सबकुछ जानते हुये भी ऑफ सीजन ही में चल पड़े। जाते समय ही पता लगाया था कि वाशिंगटन के जाने के लिए दो पीक सीजन होते हैं एक तो स्प्रिंग में चेरी ब्लॉसम फेस्ट और दूसरा अक्टूबर नवम्बर के आसपास का। जब हम जनवरी में गए थे तब अप्रैल का महीना बहुत दूर लग रहा था लेकिन हमारे यहाँ रहते हुये अप्रैल आ गया और स्प्रिंग या कहिए की बसंत ऋतू ने  दस्तक दे ही दी थी,सोने पे सुहागा  चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल की शुरुआत से हो गया,जबकि पूरा वाशिंगटन ही सुन्दर लगता है,परन्तु  नेशनल मॉल  की  तो छटा ही निराली लगती है
फूलों से लदे चेरी के वृक्षों के साथ टाइडल बेसिन एवं पानी में उनके प्रतिबिम्ब 

                 इस प्रकार के अन्य मन को लुभाने वाले दृश्यों के लिए क्लिक करिये



                 चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल,सन  १९१२ में दुसरे विश्व युद्ध की समाप्ति पर जापान ने संयुक्त राष्ट्र अमेरिका को चेरी के तीन हजार बीस पेड़ दोनो देशों के मध्य मधुर सम्बन्धों की शुरुआत करने के साथ उपहार स्वरूप  दिए थे ,जो तबसे हर वर्ष अप्रैल में अपनी गुलाबी छटा से सबको लुभाते हैं,इस घटना की याद के लिए यहाँ चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल मनाया जाने लगा जो बीस दिन तक चलता है।इन गुलाबी रंग के फूलों को देखकर पूरा माहौल ही गुलाबी सा लगने लगता है, जहाँ देखो वहां ये गुलाबी फूल प्यार और दोस्ती का सन्देश पहुंचा देते हैं ,बीस दिनों तक चलने वाले इस त्यौहार में एकदिन को पीक ब्लूम  का नाम दिया जाता है, जिसदिन लगभग सत्तर प्रतिशत पेड़ों पर फूल खिल जाते हैं, पीक ब्लूम दो दिन तक रहता है और उसके बाद फूलों का झड़ना शुरू हो जाता है,पिछले वर्ष  १० अप्रैल को पीक ब्लूम के रूप में निर्धारित किया गया था, तो पूर्व नियोजित कार्यक्रम अनुसार हमलोग सुबह ही निकल पड़े थे क्यूंकि देर में जाने से बहुत भीड़ का सामना करना पड़ता,खैर हमलोग समय से पहुँच गए तो भीड़भाड़ से रहित कुछ अच्छे दृश्य देखने को मिल गए ,परन्तु वापस जाने के समय तक काफी भीड़ का सामना भी स्वतः ही हो गया था।
गुलाबी फूलों की छाँव और जमीन पर बिछा हरे रंग का मखमली कालीन 

हवा में लहराती हुयी फूलो से लदी एक डाली 

इन हलके गुलाबी फूलों के साथ पूरा शहर भी गुलाबी हो गया था 

इन्हे देखकर तो बस यही दिमाग में आया सुंदरता तूने क्या पायी 

एक दुसरे से जुड़े हुए ये फूल शायद प्यार का सन्देश सुना रहे हैं,आखिरकार प्रीत का रंग भी तो गुलाबी ही है 

जाने रे जाने मन जाने है रंग गुलाबी है प्रीत का ,दूर देखिये किस तरह से लोग पेड़ों  छाँव की समय व्यतीत कर रहे हैं 


कैपिटोल के पास खिले हुए लाल और पीले ट्यूलिप 

फूलों के झुरमुट के मध्य दिखाई पड़ता हुआ वाशिंगटन मोनिमेन्ट 

दूर से ज़ूम करके लिया गया जेफर्सन मेमोरियल,देखिये कितनी भीड़ दिख रही है 
चारों तरफ फूलों से घिरे टाइडल बेसिन 

अब देखिये भीड़ का नजारा 
                            चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल के इन मनोरम दृश्यों के साथ अब अनुमति दीजिये,अगली पोस्ट में वाशिंगटन में स्प्रिंग के एक और नज़ारे के साथ जल्दी ही मिलेंगे।


तीन महीने के अमेरिका प्रवास की समस्त कड़िया निम्नवत हैं-